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भारत का सरताज़ हैं यू. टी (U.T) लद्दाख । Ladakh border special song lyrics Bharat ka sartaz hai lyrics in hindi

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ladakh new audio song lyrics 2020 भारत का सरताज़ हैं   यू. टी ( U.T) लद्दाख ।   भारत का सरताज़ हैं। भारत का सरताज़ हैं।       खाके , हां खाके ….       अरे खाके सोगन मिठ्ठी के ,       पी के ,       अरे पी के पानी सिंध के ,   खाके सोगन मिठ्ठी के   पी के पानी सिंध के       शोला बनके बरसा ,       अरे शोला बनके बरसा ।। सोल विहार पाप पेशक रूप    पाप नष्ट किया ,    भस्म किया ।    पाप नष्ट किया ,    शत्रु को नष्ट किया।।          पाप पराजय यहीं पे होता है ,        धर्म विजय यहीं पे होता है।      गुरु – गुरु   गुरु – गुरु गुरुजित की जिंदगी      अमर रहे शहीद गुरु जी ।    लामाओं की तपो भूमि है ,    वीरों की ये रण भूमि है।।   भारत का सरताज़ हैं भारत का सरताज़ हैं   यू. टी ( U.T) लद्दाख।।      जय – जय हिंद हो,      की इक्कीस सौ गलारगलो,      जो बोले सो निहार      सबसेरिया आ आकर।। ( Note : दक्षिण से सुनकर लिखने की कोशिश किया हूँ, त्रुटियाँ है तो माफ़ कीजिए।) Content C redits to श्री फुनसुक लद्द

हिंदी प्रेमी डॉ .राजमल बोरा दक्षिण के क्षेत्र में हिंदी प्रचार और लेखन प्रतिभा से अपनी मातृ भूमि को रोशन किया है।

भारतीय भक्ति साहित्य - द्वितीय संस्करण २००९, वाणी प्रकाशन, दिल्ली। ( मध्यकाल : भक्ति आन्दोलन ) https://www.exoticindiaart.com/book/details/indian-bhakti-literature-NZC737/ OPAC central university of gujarat http://14.139.122.36/cgi-bin/koha/opac-detail.pl?biblionumber=14111&shelfbrowse_itemnumber=14055 ISBN : 9352294688 ISBN : 978-9352294688 ISBN : 93-522-9468-8 ISBN : 978-93-5229-468-8 ISBN : 81-705-5336-9 श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति में १९५९ में हिंदी विभाग की स्थापना हुई । औरंगाबाद , डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय : १९६८ में हिंदी विभाग की स्थापना हुई। http://www.bamu.ac.in/dept-of-hindi/Contact.aspx हिंदी विभाग साहित्यिक और सांस्कृतिक विकास के सफ़र में डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद और श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय , तिरुपति पचास साल का सफर पूर्ण किये हैं। इन दोनों पटरियों के माध्यम से राजभाषा हिंदी को जन मध्य में ले जाने की जरुरत थी। डॉ राजमल बोरा अपनी प्रतिभा से तथा निष्ठावान कार्यकुशालता से अपनी साथी अध्यापकों से पूरे दक