सूक्ष्म शिक्षण में समस्याएँ और समाधान | Difficulties and solutions in Micro Teaching in Hindi


Difficulties and solutions in Micro Teaching 

माइक्रो टीचिंग में समस्याएँ  


1. समस्याएँ  


  कक्षा में शोर ( नाइस / नाइज ) और कक्षा अनुशासन में न रहना |
कुछ समय चार्ट और चित्र सूक्ष्म शिक्षण सामग्री स्पष्ट नहीं होती हैं क्योंकि  चार्ट 📊 / चित्र 🎨 बनाते समय  हल्के रंगीन वाले मारकर  से बनाए हुए चित्र सूक्ष्म शिक्षण में बाधक हो सकती हैं|
अन्य भाषा पढ़ाते समय वर्तनी में त्रृटियाँ और उच्चारण में अस्पष्टता |
अन्य भाषा शिक्षण में मातृभाषा का प्रभाव |
छात्राध्यापक पाठ पढ़ाने के बाद ( पाठ सुने हुए कक्षा के छात्र / छात्राध्यापक ) फीडबैक नहीं देते|  छात्राध्यापक को अपना दोस्त / अपना कक्षा साथी समझ कर फीडबैक देते समय उसमें कमियाँ और त्रृटियाँ नहीं बताते हैं |
कभी - कभी बेचैनी के कारण छात्राध्यापक विषय वस्तु को ठीक तरह से प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
चुना गया विषय वस्तु और कौशल का मेल नहीं बनना जैसे सूरज का चित्र बताकर वर्तनी का कौशल पाठ पढ़ाना।
प्रश्न पूछते समय सूचीका ( छड़ी / स्टिक ) डस्टर या चाकपीस से खेलना |
छात्राध्यापक की आवाज़ कक्षा स्तर न होना इस कारण से प्रश्न बार-बार दोहराते छात्रों पर क्रोधित होना |
सूक्ष्म शिक्षण में समय का पालन ना करना और समय प्रबंधन में विफल होना |

माइक्रो टीचिंग में सुझाव और समाधान 

अनावश्यक खड़े हुए छात्रों को  बैठने के लिए कहना, प्रश्न पूछने से पहले निर्देश देना & आई कांटेक्ट, आवाज़ कक्षा स्तर लाने की कोशिश करना +  विषय वस्तु का चयन में ध्यान देना , शिक्षण सामग्री में रंग और चुनागया कौशल में मेल होगा या नहीं ? ध्यान रखना।
आत्मविश्वास के साथ शिक्षण करना, कक्षा अनुशासन पर ध्यान देना, स्वयं पाठ योजना बनाना है | फीडबैक  देने - लेने में पारदर्शिता, पाठ समझाते समय लेखिका से मत खेलो ।
श्यामपट्ट कार्य पर ध्यान देना, सूक्ष्म शिक्षण में एक ही कौशल को पढ़ाना है|  सूक्ष्म शिक्षण का समय 5:00 से 10:00 मिनट तक हो सकता है । ध्यान रखो कि अपनी आवाज़ सभी छात्रों को सुनाई दे।
आपके साथी छात्राअध्यापकों से कहें कि फीडबैक अच्छी तरह दें फीडबैक लेने के बाद कमियों को सुधारने की कोशिश जरूर करे।
आपके कक्षा साथी द्वारा पढ़ाए जाने वाला पाठ का निरीक्षण आप स्वयं करें (  कक्षा निरीक्षण में पाठ योजना निर्माण, छात्र सहभागिता, श्यामपट्ट कार्य, शिक्षण सामग्री, कक्षा की व्यवस्था,  विषय का प्रस्तावन, शिक्षण विधि और आलोचना पर ध्यान दें ।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के कक्षा में पढ़ाते समय बच्चों के द्वारा अनुकरण वाचन पर ध्यान दें । अशुद्ध उच्चारण को पहचान कर आने वाली कक्षा में उच्चारण संबंधित पाठ पढ़ाने की कोशिश करें और बच्चों को भी अपना पूरक पाठ पिछली कक्षा में पढ़ाया गया  पाठ और कक्षा अनुशासन से संबंधित फीडबैक दीजिए ।
प्रश्न पूछने के बाद सभी छात्रों को उत्तर देने का मौका दें । कक्षा में पढ़ाने से पहले पाठ योजना को कम से कम 3 बार ध्यान से पढ़िये।

सूक्ष्म शिक्षण निष्कर्ष 2021

छात्रों में शब्दकोश का विकास कीजिए + सूक्ष्म शिक्षण करते समय कक्षा प्रबंधन [  क्लासरूम मैनेजमेंट से संबंधित समस्याएँ आने की संभावना हैं] सूक्ष्म शिक्षण के माध्यम से कौशलों का विकास जरुर कर सकते हैं। भाषा के साथ-साथ विषय, चित्र बनाना और श्यामपट्ट कार्य पर ध्यान देना + कक्षा को संभालना आदि कई विषय हमें सीखना चाहिए। #MicroTeaching #yesreach

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